भक्त नामावली – Bhakt Namavali
“भक्त नामावली” (भक्तों की सूची) को सुनने या पढ़ने से सभी संतों का स्मरण होता है, जिससे सभी कष्ट दूर […]
“भक्त नामावली” (भक्तों की सूची) को सुनने या पढ़ने से सभी संतों का स्मरण होता है, जिससे सभी कष्ट दूर […]
‘श्रीमद् भगवत महापुराण जो कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरुप है, के दशम स्कन्ध को भगवत का हृदय माना
श्री कुंज बिहारी भगवान कृष्ण के कई नामों में से एक है, जहाँ बिहारी शब्द कृष्ण के लिए है और
श्री बांके बिहारी जी अष्टक – Shri Baanke Bihari Ji Ashtak Read Post »
श्री बांके बिहारी विनय पचासा एक ऐसा पाठ है जो भक्तो को मन, वचन, और कर्म को भगवान की सेवा
श्री बांके बिहारी जी विनय पचासा – Shri Baanke Bihari Ji Vinay Pachasa Read Post »
(श्लोक – 1)व्रजैकमण्डनं समस्तपापखण्डनं, स्वभक्तचित्तरंजनं सदैव नन्दनन्दनम्।सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं, अनंगरंगसागरं नमामि कृष्णनागरम्॥1॥ भावार्थ–व्रजभूमि के एकमात्र आभूषण, समस्त पापों को नष्ट करने
श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष अर्थ सहित – Shri Krishan Kripa Kataksh With Meaning Read Post »
(श्लोक – 1)मुनीन्दवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणी, प्रसन्नवक्त्रपंकजे निकंजभूविलासिनी।व्रजेन्दभानुनन्दिनी व्रजेन्द सूनुसंगते, कदा करिष्यसीह मां कृपा-कटाक्ष-भाजनम्॥ (१) भावार्थ : समस्त मुनिगण आपके चरणों की
श्री राधा कृपा कटाक्ष अर्थ सहित – Shri Radha Kripa Kataksh With Meaning Read Post »
श्री वृन्दावन सतलीला में कुल 116 श्लोक है और यह वाणी रसिक संत श्रीहित ध्रुवदास जी महाराज द्वारा कृत है
श्री वृन्दावन सतलीला अर्थ सहित – Shri Vrindavan Sat Leela With Meaning Read Post »
।।दोहा।। श्री राधे वुषभानुजा , भक्तनि प्राणाधार ।वृन्दाविपिन विहारिणी , प्रानावौ बारम्बार ।।जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम ।चरण शरण