Filter posts by category

Daily Path

गोपी गीत – जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः

‘श्रीमद् भगवत महापुराण जो कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरुप है, के दशम स्कन्ध को भगवत का हृदय माना […]

गोपी गीत – जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः Read Post »

Shri Hit Sfut Vaani
Shri Hit Harivansh Ji Vaani

श्रीहित स्फुट वाणी अर्थ सहित – Shri Hit Sfut Vaani With Meaning

।। 1 ।।द्वादश चन्द्र, कृतस्थल मंगल,बुद्ध विरुद्ध, सुर-गुरु बंक।यद्दि दसम्म भवन्न भृगू-सुत, मंद सु केतु जनम्म के अंक।।अष्टम राहु, चतुर्थ

श्रीहित स्फुट वाणी अर्थ सहित – Shri Hit Sfut Vaani With Meaning Read Post »

Shri Hit Yamunastak
Shri Hit Harivansh Ji Vaani

श्रीहित यमुनाष्टक अर्थ सहित – Shri Hit Yamunashtak With Meaning

॥1॥ब्रजाधिराज – नन्दनाम्बुदाभ गात्र चंदना- नुलेप गंध वाहिनीं भवाब्धि बीज दाहिनीम् । जगत्त्रये यशस्विनीं लसत्सुधा पयस्विनीं- भजे कलिन्द नन्दिनीं दुरंत

श्रीहित यमुनाष्टक अर्थ सहित – Shri Hit Yamunashtak With Meaning Read Post »

Shri Vrindavan Sat Leela
Daily Path

श्री वृन्दावन सतलीला अर्थ सहित – Shri Vrindavan Sat Leela With Meaning

श्री वृन्दावन सतलीला में कुल 116 श्लोक है और यह वाणी रसिक संत श्रीहित ध्रुवदास जी महाराज द्वारा कृत है

श्री वृन्दावन सतलीला अर्थ सहित – Shri Vrindavan Sat Leela With Meaning Read Post »

Scroll to Top