बसंत उत्सव के पद – Basant Utsav Ke Pad
खिचड़ी उत्सव के बाद अब बसंत उत्सव प्रारंभ हो जाता है इस साल बसंत उत्सव 23 जनवरी को है ! […]
खिचड़ी उत्सव के बाद अब बसंत उत्सव प्रारंभ हो जाता है इस साल बसंत उत्सव 23 जनवरी को है ! […]
▐ खिचड़ी उत्सव श्रीराधावल्लभ सम्प्रदाय में बहुत प्राचीन काल से मनाया जाता है । यह उत्सव पौष शुक्ला दौज से
▌ व्याहुला ( विवाह उत्सव ) के पद खेलत रास दुलहिनी दूलहु ।सुनहु न सखी सहित ललितादिक, निरखि-निरखि नैननि किन
“भक्त नामावली” (भक्तों की सूची) को सुनने या पढ़ने से सभी संतों का स्मरण होता है, जिससे सभी कष्ट दूर
॥ 1 ॥जै जै श्रीहरिवंश, व्यास-कुल- मण्डना । रसिक अनन्यनि मुख्य गुरु, जन भय खंडना ॥ श्रीवृन्दावन वास, रास रस
‘श्रीमद् भगवत महापुराण जो कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरुप है, के दशम स्कन्ध को भगवत का हृदय माना
श्री कुंज बिहारी भगवान कृष्ण के कई नामों में से एक है, जहाँ बिहारी शब्द कृष्ण के लिए है और
श्री बांके बिहारी जी अष्टक – Shri Baanke Bihari Ji Ashtak Read Post »
श्री बांके बिहारी विनय पचासा एक ऐसा पाठ है जो भक्तो को मन, वचन, और कर्म को भगवान की सेवा
श्री बांके बिहारी जी विनय पचासा – Shri Baanke Bihari Ji Vinay Pachasa Read Post »
।। 1 ।।द्वादश चन्द्र, कृतस्थल मंगल,बुद्ध विरुद्ध, सुर-गुरु बंक।यद्दि दसम्म भवन्न भृगू-सुत, मंद सु केतु जनम्म के अंक।।अष्टम राहु, चतुर्थ
श्रीहित स्फुट वाणी अर्थ सहित – Shri Hit Sfut Vaani With Meaning Read Post »