श्रीहित मंगलगान
॥ 1 ॥जै जै श्रीहरिवंश, व्यास-कुल- मण्डना । रसिक अनन्यनि मुख्य गुरु, जन भय खंडना ॥ श्रीवृन्दावन वास, रास रस […]
॥ 1 ॥जै जै श्रीहरिवंश, व्यास-कुल- मण्डना । रसिक अनन्यनि मुख्य गुरु, जन भय खंडना ॥ श्रीवृन्दावन वास, रास रस […]
‘श्रीमद् भगवत महापुराण जो कि योगेश्वर श्रीकृष्ण का साक्षात् वाङ्मय स्वरुप है, के दशम स्कन्ध को भगवत का हृदय माना
गोपी गीत – जयति तेऽधिकं जन्मना व्रजः Read Post »
श्री कुंज बिहारी भगवान कृष्ण के कई नामों में से एक है, जहाँ बिहारी शब्द कृष्ण के लिए है और
श्री बांके बिहारी जी अष्टक Read Post »
श्री बांके बिहारी विनय पचासा एक ऐसा पाठ है जो भक्तो को मन, वचन, और कर्म को भगवान की सेवा
श्री बांके बिहारी जी विनय पचासा Read Post »
।। 1 ।।द्वादश चन्द्र, कृतस्थल मंगल,बुद्ध विरुद्ध, सुर-गुरु बंक।यद्दि दसम्म भवन्न भृगू-सुत, मंद सु केतु जनम्म के अंक।।अष्टम राहु, चतुर्थ
श्रीहित स्फुट वाणी अर्थ सहित – Shri Hit Sfut Vaani With Meaning Read Post »
॥1॥ब्रजाधिराज – नन्दनाम्बुदाभ गात्र चंदना- नुलेप गंध वाहिनीं भवाब्धि बीज दाहिनीम् । जगत्त्रये यशस्विनीं लसत्सुधा पयस्विनीं- भजे कलिन्द नन्दिनीं दुरंत
श्रीहित यमुनाष्टक अर्थ सहित – Shri Hit Yamunashtak With Meaning Read Post »